संदेश

दिसंबर, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कौन है महाराज गर्दभिल्ल और गर्दभिल्ल वंश...

 #कौन_है_महाराज_गर्दभिल्ल_और_गर्दभिल्ल_वंश...  अवन्तिकाधीश सम्राट मालवगणमुख्य विक्रमादित्य प्रमार के मालव शाखा "गर्दभिल्ल वंश" में भिल्ल शब्द को देखते हुए वामपंथियों ने राजा गंधर्वसेन या गर्दभिल्ल को भीलवंशी घोषित कर दिया है। विकिपीडिया पेज पर यह कुप्रचार दो पुस्तकों के संदर्भ में डाला गया है। उसका मूल साक्ष्य केवल इतना है कि मालवा में भी भील बसते हैं दुसरा #गर्दभिल्ल शब्द में "भिल्ल" आया हुआ है। प्रस्तुत है इस लेख में वे सभी तथ्य जो इस वृथा भ्रम को दुर करते हुए वामपंथ का खण्डन करेंगे और सत्य को उजागर करेंगे। (1) पुस्तक : "विक्रमादित्य: संवत्-प्रवर्तक . (Chaukhambā Vidyābhavana, 1960. इतिहासविद डाॅ. राजबली पांडेय.)  #अध्याय : उत्पत्ति तथा माता - पिता (पृ. ६८ - ७०) (i) गर्दभिल्ल :   बृहत्कथामंजरी तथा कथासरित्सागर जैसे हिन्दुओं के ग्रन्थ विक्रमादित्य की उत्पत्ति तथा माता - पिता पर कुछ भी प्रकाश नहीं डालते । उनमें विक्रमादित्य के जन्म की कहानी उज्जयिनी के शासक महेन्द्रादित्य से आरम्भ होती है । जैन पट्टावलियों तथा जीवनवृत्तात्मक ग्रन्थों से इस समस्या पर कुछ प्रकाश ...

मौर्य कालिन सिक्का जिसपर बलराम जी अवतिर्ण है

चित्र
चंद्रगुप्त मौर्य के समकालीन ईसा पूर्व का मौर्य क्षत्रिय वैदिक शासकों के द्वारा प्रवर्तित सिक्का जिसपर बलराम  जी उत्कीर्ण है । संदर्भ पुस्तक : Bopearachchi, Osmund. Achaemenids and Mauryans: Emergence of Coins and Plastic Arts in India.