गीत : जौहर फिर से है आया.....

जौहर 



जौहर फिर से है आया
इतिहास ने स्वयं को दोहराया
क्षत्रिय करते युद्ध हुँकौर
क्षत्राणी पग आगे चार,
अद्भुत है ये विडम्बना
सबने स्वयं बलिदान चुना,
देख सपूतों का साहस
ये काल भी है घबराया..
करे कामना अपने पति की
स्वयं पति को दे तलवार,
राखे नहीं कोई पाँव भूमि पर
वचन मांगती है हर बार,
वचन दिया है निभाएंगे हम
लाज रखेंगे तुम्हारी,
समक्ष इस बलिदान तुम्हारे
गर्दन झुकी हमारी ,
नहीं बने कभी और किसी की
जान भले है जानी,
पत्नी धर्म निभाने को
क्षत्राणी दे कुर्बानी,
जलने को तैयार है अग्नि
को गले है लगाना,
सोचे वीर की कुछ भी हो
अब देश है इन्हें बचाना,
देश भक्ति का भाव है
मेवाड़ के कण कण में है समाया,
क्षत्रिय अपने लहु से अंतिम बार मांग भरे,
ले आशिष क्षत्रणी जीवन को संपूर्ण करे,
चाहे सुख की बरखा हो या दुख की बदली छाए,
अश्रु की इक बूंद भी ना आँखों से गिरने पाए,
जाते जाते इक दूजे ने दोनों को क्रम कराया,
धन्य भाग सत् कर्म हमारे
हमने तुमको पाया
हाँ हमने तुमको पाया
देख सपूतों का साहस
ये काल भी है घबराया
जौहर फिर से है आया
इतिहास ने स्वयं को दोहराया!!

जय सनातन 🚩 जय मां भवानी  🚩 🚩 🚩
 
जय हो अखण्ड भारती 🔥
🔥जय राजपूताना 🚩 🚩 🚩 
✍️जय एकलिंगी जी🙏🙏🙏

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