क्या शीत प्रधान देशों के लिए शराब उपयोगी है ?
क्या शीत प्रधान देशों के लिए शराब उपयोगी है ?
इस सम्बन्ध में नशा विशेषज्ञ श्री जी ० ई ० गोलिन का एक लेख ' लिकर कन्ट्रोलो ' में छपा है । उसमें लिखा है -
“ ठण्ड से बचाव करने के लिए शराब न केवल व्यर्थ है वरन खतरनाक भी है । अनुनठी प्रिट्ज़ोफ की तरह मैं भी ठण्ड से बचाव के लिए शराब पीने के पक्ष में दी जाने वाली दलीलों के बिल्कुल खिलाफ हूँ और शराब के दुष्परिणामों को देखते हुए यहाँ तक कहने को तैयार हूँ कि शराब पीकर ठंड से बचने से बेमौत मरने तक का खतरा है । "
हमारे देश में आर्मी को शराब देना ऐसा ही मूर्खतापूर्ण कुत्सित प्रयास है। ऐसा कहने मे कोई भ्रम व संकोच नहीं। ठंड से बचने के लिए अकेला अश्वगंधारिष्ट पर्याप्त है। हिमालय मे योगी सन्यासी दुबली पतली काया लेकर बिना पुर्ण वस्त्र व भोजन के कयी दिन बर्फ मे रह लेते हैं। फिर सैनिकों को युं बिना शराब थंड न सहनेवाला जाननेवाले भ्रम व अज्ञान मे है। जानकार जानते हैं इसे षड्यंत्र कहने मे संदेश जैसी कोई बात ही नहीं। ये निसंदेह षड्यंत्र ही है और विज्ञान के नामपर फार्मा का ड्रग्स माफिया का, जानलेवा कहर तो महामारी के रूप में वर्ल्ड आर्डर के स्वरूप में हमारे आगे आया ही है। लेकिन कयी षड्यंत्र भारत में माईंड लिंचिंग करने के लिए रचे गए जो मांस ड्रग्स दवा नशा अश्लीलता इनको लेकर व धर्म को टार्गेट करने को लेकर बनाए गए, विदेशी निवेश पर आधारित एजेंडे थे। उनका विस्तार से विभिन्न पुस्तकों मे वर्णन है। इनमे अफवाह फैलाना, गलत विज्ञान पढाना, गलत अवधारणाओं को मान्यता व उच्चतम स्थान देने के लिए विशेष चालाकी से व्युत्पन्न व्यापक परिवर्तन थे। जिनका लक्ष्य भारतीय व्यवस्था व राष्ट्रीय जनमानस रहा है। विज्ञान के नामपर पाखंड होना विज्ञान के नामपर भ्रम भय फैलाना कूतर्क फैलाना जारी है।
पुस्तक - रोचक और रोमांचक अंटार्कटिका (Prabhat Prakashan, ISBN:9788173155321) पृ. 152 पर यात्रावृत्तांत मे उद्धृत है -
"कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए भी सबसे प्रभावशाली तरीका यही है कि काम करते में जब भी संभव हो , हर घंटे पर गरम पानी पीते रहिए ! यकीन मानिए , बाहर कितनी भी ठंड हो , शरीर इतना गरम बना रहेगा कि लगेगा , आप अंटार्कटिका में नहीं , गोवा में हैं !! दूसरी ओर अगर शरीर में पानी की कमी होने लगी तो खून भी गाढ़ा होता जाएगा , सर्दी भी अधिक लगेगी और फ्रॉस्टबाइट का खतरा भी उतना ही बढ़ता जाएगा । पर जितनी चाय , कॉफी , कोकोआ जैसी चीजें आप पीते हैं उन्हें पानी में नहीं गिनना चाहिए , क्योंकि यह तो हजम होते समय शरीर से और पानी खींच लेती ! शराब तो इस ठंड में एकदम मना है , वह बहुत सारा पानी खींचकर देह को सुखाती तो है ही , उसके पीने से जो गरमी आती है , वह केवल ऊपरी त्वचा पर खून के अधिक बहने से महसूस होती है । पर असल में शराब से बदन की गरमी ऊपरी सतह पर आकर बहुत तेजी से बाहर बिखर जाती है , शरीर और जल्दी ठंडा हो जाता है ! इसलिए ठंड से बचने के लिए शराब पीना एक भ्रम है , बहुत खतरनाक भ्रम !! "
ABP news के एक लेख में उद्धृत है-
हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं सर्दियों में शराब पीने से कुछ देर के लिए तो शरीर गर्म होता है लेकिन कुछ समय के बाद ही शरीर एकदम ठंडा हो जाता है जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए सर्दियों में ज्यादा शराब पीने से बचना चाहिए.
(https://www.google.com/amp/s/www.abplive.com/lifestyle/health/if-you-are-drinking-more-alcohol-in-winter-its-risk-your-heart-2593345/amp)
अतः शीत प्रदेश वाला कूतर्क आज सोचा कर ही देना चाहिए खंडित और उजागर..
#सामयिकी #स्वदेशी #धर्म #षड्यंत्र #नशा #विज्ञान
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