सनी देवोल कि फिल्में...
सनी देवोल कि फिल्में नैतिकता पर आधारित होती थी। कम से कम उस समय gf /bf जैसे असामाजिक शब्द और सीन्स जैसे कि साऊथ मुवी मे शिक्षिका से लडका कह रहा हैं मॅम आप अपने bf के साथ आ जाना मेरे शादी में, कही पर मां के आयु के स्त्री के साथ लडके का अनैतिक प्रेम चित्रित करने वाली फिल्म बन रही है, ऐसे ही आपत्तिजनक अनेक उदाहरण है आजकल अनैतिकता परोसने वाली घोर वर्जित बाते उनका सामान्यिकरण करने वाली फिल्में 90% बन रही है। जैसे शब्द असंसदीय करार दिए गए वैसे gf /bf जैसे शब्दो को आम करने पर सिनेमा सिरियल्स मिडिया मे रोक लगानी चाहिए। क्योंकि ये नायक नायिका को निरंतर चरित्रहीन दिखा रहे हैं। विवाहिता हो या विवाहित फिल्म में अभद्र अमर्यादित व्यवहार का, चित्रण हो रहा है। जैसे बेटी, पिता के बारे में कहे कि विवाह के पहले उनकी कोई gf थी क्या मां के पहले। ऐसी गंदगी ऐसी अनैतिकता साऊथ के फिल्मो मे और बालीवुड दोनो मे भरमार है। इनका समाज पर बुरा असर पड़ रहा है। अनेकों सीन्स है जो यथार्थ जीवन में मर्यादा यथार्थ आचार विचार आचरण से मेल नही खाते। पहले कि फिल्मों में प्रेमी प्रेमिका होते थे, वे प्रेम ही करते थे, उसको पाने लढते थे, फिर शादी और फिर सुहागरात होती थी। ये एक दृष्टि से नैतिक कह सकते हैं। पर आजकल की फिल्मों में gf/ bf की रट लगी हुई है। सिरियल्स मे भी। इन शब्दो का व्यावहारिक अर्थ ही भोगवाद है। ये शब्द प्रेमी-प्रेमिका जैसे व्यावहारिक अर्थ में फिल्मो मे प्रयुक्त नही होते। इन फिल्मों का ही असर है कि मिडिया संस्थाओं ने, धारावाहिकों में भी पारिवारिक सिरियल्स मे इस अनैतिक अवैध गंध को लाया जा रहा है। बार बार युवा पीढ़ी को सिनेमा सिरियल्स द्वारा मिडिया द्वारा पिछले कुछ वर्षों में gf /bf /breakup शब्द का भरभरकर प्रयोग किया गया है। अभद्र गाने बने। डीजे पर समाज में बिना सेंसर के या 18+ सेंसर के गाने परिवारजनों के आगे हर कोई सुनने पर अभिशप्त है। आखिर इन पर कब तक अभिभावक ध्यान न दे। हम निरंतर उनपर ध्यान न देना, मजाक मनोरंजन मात्र समझकर ignore कर लेना, गंभीरता से न लेना जैसे नेरेटिव या दृष्टि को बनाकर उनपर ध्यान नहीं दिया। एक कान से सुना छोड दिया। लेकिन समाज पर धीरे-धीरे इस असामाजिक तत्वों की अभद्र अनैतिक अवैध अभिव्यक्ति का कुप्रभाव बच्चो पर हो रहा है समाज पर गलत असर गलत मैसेज जा रहा है। वर्जित बातो का इनके माध्यम से सामान्यीकरण किया जा रहा है। आपके बहन के आगे कोई चोली के नीचे क्या है कहे तो आपको कितनी शर्म का सामना करना पडेगा, क्या क्रोध नही आएगा? क्या कोई अपनी बडी बहन को कहेगा चोली के नीचे क्या है? लेकिन चोली के नीचे क्या है जैसे गंदे गाने सपरिवार सुनने भारतीय समाज अभिशप्त हो गया है। क्या ये बंद करने करवाने कि जागरूकता समाज में नही ये महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है। आज शोशल नेटवर्किंग है। कल शोशल मिडिया नही था। इसलिए ये मैसेज जन जन तक पहुंचाकर सभी को जागरूक करे। इस गंदगी का प्रतिबंध करे। याद रहे कि जो बुराई हम समाज में फैराएंगे या फैलने देंगे, वो एक न एक दिन हमारे तहलीज पर भी आकर दस्तक देगी।
जय श्री राम 🙏🚩
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