क्वाण्टम भौतिकी के दृष्टिकोण से एलोपैथी बेकार है....

क्वाण्टम भौतिकी के दृष्टिकोण से एलोपैथी बेकार है....

क्वाण्टम भौतिकी के दृष्टिकोण से एलोपैथी बेकार है और आयुर्वेद ही चेतनात्मक विज्ञान... आधारित चिकित्सा है। ये निश्चित हो गया..!!!

क्यों? क्योंकि आयुर्वेद ही मन की चिकित्सा का आद्यजनक है, आयुर्वेद चेतनात्मक चिकित्सा विज्ञान है। जबकि एलोपैथी चेतना को नही मानती इस संदर्भ में वो पिछड़ी ही है। अतः क्वाण्टम भौतिकी के दृष्टिकोण से एलोपैथी विज्ञान नही है। क्योंकि भौतिकी भी चेतन सत्ता को सर्वोपरि मानती है। इसलिए तदनुसार एलोपैथ विज्ञान है ही नहीं। वो तो वर्तमान में फार्मा माफियाओं के नियंत्रण के कारण पाठ्यक्रम, रिसर्च ट्रायल हर क्षेत्र में एलोपैथी के वैज्ञानिक चिकित्सा होने का भ्रम व झूठ फैला हुआ है। अतः आयुर्वेद के चेतनात्मक सिद्धांत की शाखा होमिओपैथी है जो जर्मन डॉक्टर हैनिमैन द्वारा संचालित हुआ। 

सुर्य चंद्रमा व सत्य अंततोगत्वा सामने आ ही जाते हैं। इसलिए वैज्ञानिक हो वा कोई अन्य, ऋषि प्रणीत सनातन सिद्धांत पर आना ही पड़ता है।

✍️ ANIKET GAUTAM विचार प्रसार 

डॉ . बी.एम. हेगड़े ( MBBS , MD ) कहते हैं : क्वांटम फिजिक्स के आधुनिक वैज्ञानिकों की मानवीय बीमारियों समेत मानव मन ( चेतना ) के सौंदर्य के प्रति आँखें खोलने के बाद उनकी उस आयुर्वेद में रुचि जागी , जो विश्व के सामने शताब्दियों से बीमारियों में मन की अहम भूमिका होने का दावा करता रहा है और इसे सबसे अच्छा व वैज्ञानिक माना गया ।

अतः क्वाण्टम भौतिकी के दृष्टिकोण से एलोपैथी बेकार है, मनोचिकित्सका के दृष्टिकोण से एलोपैथी बेकार है, चेतनात्मक विज्ञान के दृष्टिकोण से एलोपैथी अवैज्ञानिक अविकसित पिछड़ी व निकम्मी है...

जबकि आयुर्वेद महातम एडवांस आश्चर्यजनक शाश्वत सत्य सिद्धान्त की चिकित्सा पद्धति है। जो सुपरसाइंस है। जो क्वाण्टम के अनुसार भी श्रेष्ठ है।








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