औरंगजेब ने छत्रपति संभाजी को क्यो मारा?
औरंगजेब ने छत्रपति संभाजी को क्यो मारा?
Futuhat i Alamgiri (आलमगिरी) का लेखक ईश्वरदास नागर का Era 1658-1707 AD रहा हैं! छत्रपति शिवाजी महाराज का देहान्त 1680 AD मे हुआ! और छत्रपति संभाजी महाराज का राज्यभिषेक हुआ! 1689 मे संभाजीराजे की मृत्यु हुई ! 1657 मे छत्रपति संभाजी का जन्म हुआ था! अर्थात् आलमगिरी का लेखक दोनो मराठा छत्रपतियों के शतप्रतिशत समकालीन व्यक्ति है!
तदनुसार औरंगजेब ने छत्रपति संभाजी को Gहाद के लिए मारा और उनके धर्मपरिवर्तन के लिए पुरी ताकत झोंक दी यह साफ दिखाई देता है! संभाजी महाराज का औरंगजेब से लढने के पिछे का कारण भी सत्ता प्राप्ति नहीं अपितु प्रजाजन की उसके अत्याचार से रक्षा थी! वही औरंगजेब का प्रयोजन तो पानी की तरह साफ है - Gहाद!
औरंगजेब का उद्देश्य Gहाद न होता तो सामान्य मृत्यु मारता! मतपरिवर्तन के लिए इस तरह प्रताड़ित न करता! शरिर के तुकडे तुकडे करने की विधि तो किताब में लिखी हुई है! तदनुसार ही SAME किया! जो आजभी हो रहा है!
औरंगजेब ने छत्रपति संभाजी को Gहाद के लिए मारा, और छत्रपति संभाजी उसके आगे न झूकते हुए स्वाभिमान के साथ बलिदान हुए !
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