ताजमहल से भी बड़ी कला कृति

तुमने चल कर ले लिया ताजमहल

फिर भी आज हजारों कलाएं हमारे धर्म में मौजूद हैं
#कैलाश_मंदिर इस प्रतिमा के मुख में एक पत्थर की गेंद है जिसे आप छू सकते हैं, हिला सकते हैं, लेकिन किसी भी तरह से मुख से बाहर नहीं निकाल सकते।

मूर्ति एक ही पत्थर से बनी है, जरा सोचिए गेंद मुख में कैसे स्थापित की गई होगी ?

और हाँ सामने जो लटकी हुई कड़ी दिख रही है, वो भी एक ही पत्थर को काटकर बनाई गयी है। आप इस तकनीकी की कल्पना भी कर सकते हैं क्या ?? है नाअचंभित करने वाली बात है  ।                             
एक निवेदन -  ऐसे वास्तुकला से संपन्न कलाओ को अब हमें और आपको मिल कर भारत के सभी व्यक्तियों तक पहुँचाना है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

महाराणा प्रताप के दरबारी पं. चक्रपाणि मिश्र: ज्ञान विज्ञान के एक विस्मृत एक अपरिचित एतिहासिक पात्र......

नशेड़ी ओशो के अनुसार बच्चे खुलकर नशा करें...

दृष्ट व्यक्ति की परिभाषा...