सुप्रीम कोर्ट ने माना है ओ३म ध्वज साम्प्रदायिक नहीं है

ओ३म् ध्वज साम्प्रदायिक नहीं 

क्या आप जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि ओ३म का लेखन साम्प्रदायिक नहीं है। यदि नही तो जानिए एक प्रसंग को। 

साम्प्रदायिकता के चर्चा प्रसंग में उच्चतम न्यायालय ( Supreme Court ) के भी इस एक निर्णय का उल्लेख करना उपयोगी होगा । हरियाणा में हुए लोक सभा चुनाव में एक बार आर्य समाज के नेता श्री जगदेवसिंह सिद्धान्ती विजयी हुए । उनके विरुद्ध पराजित प्रत्याशी श्री प्रतापसिंह दौलता ने उनके निर्वाचन को इस आधार पर अवैध घोषित किए जाने की मांग की कि सिद्धान्ती जी ने चुनाव प्रचार में अपनी जीप पर ओ३ म् लगाकर एक सम्प्रदाय विशेष की भावनाओं को उभारा है जो चुनाव सम्बन्धी आचार संहिता के विरुद्ध है । श्रीगोपाल स्वरूप पाठक ( कालान्तर में उपराष्ट्रपति ) उनकी ओर से वकील थे । इस पर पहले पंजाब हाई कोर्ट ने और फिर सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया कि ओ३म् का ध्वज साम्प्रदायिक नहीं है ।

*️⃣संदर्भ :
📖पुस्तक : "आर्य - ध्वज"  (आरोहण - अवतरण - पद्धति , जयघोष तथा ध्वज - गीत सहित). आर्य - संवत्सर 1972949093.  प्रकाशक : सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा नई दिल्ली -२. दयानन्दाब्द 169.  विक्रम संवत् 2050. 

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