आफ्रिका खण्ड का रामायणिक इतिहास

#अफ्रीका_खण्ड_का_रामायणिक_सम्बन्ध... 


#उत्तरी_अफ्रीका का एक देश अजपति राम के नाम से Aegypt ( इजिप्त ) कहलाता है । उसकी पौराणिक कथाओं में दशरथ का नाम आता है तथा उसके राजा लोग रामईशस् प्रथम , रामेशस् द्वितीय इत्यादि कहलाते थे । कुश तथा माली - सुमाली सारे अफ्रीका के लोग Cushites ( कुशाइत ) यानि राम सुत कुश के प्रजाजन कहलाते हैं ।

अफ्रीका में श्रीराम की ख्याति इसलिए फैली कि अफ्रीका खण्ड रावण के कब्जे में था । रावण के भाईबन्द माली , सुमाली के नाम से अफ्रीका खण्ड में आज भी वो विस्तीर्ण प्रदेशों के नाम Mali तथा Somali हैं ही ।

(१) #लोहित_सागर : लंका की शोध में वानर पथकों ने पृथ्वी के विभिन्न भागों पर उड़ान करते समय लोहित सागर ( यानि Red Sea ) का उल्लेख किया है । वह लोहित सागर अफ्रीका खण्ड के समीप है । हो सकता है कि पिरामिड रामायणकालीन दैत्यों के मरुस्थल स्थित किले तथा महल रहे हों । वे जीते जाने के पश्चात् उनके आगे राम विजय के चिह्न के रूप में रामसिंह के The Sphinx नाम की प्रतिमा बना दी गई हो ।

(२) #कन्या : अफ्रीका में जो Kenya नाम का देश है वह कन्याकुमारी जैसा कन्या शब्द है । हो सकता है कन्या नाम की उस प्रदेश की प्रमुख देवी रही हो ।

(३) #विशाल_मन्दिर : दारेसलाम नाम का जो सागर तट का प्रमुख नगर अफ्रीका में है , वह स्पष्टतया द्वारेशालयम् ( द्वार - ईशालयम् ) संस्कृत नाम है । उसका अभिप्राय यह है कि उस नगर में कोई विशाल शिव मन्दिर , कृष्ण मन्दिर , राम मन्दिर , विष्णु मन्दिर या गणेश मन्दिर रहा हो । सागर तट के पास ही उस नगर में या समीप के जंगल में उस मन्दिर के खण्डहर या कम - से कम भूमिगत नींव बारीकी से ढूंढ़ने पर तो मिल सकती है । उस मन्दिर के खण्डहर दिखाई देना ; इसलिए संभव नहीं क्योंकि कट्टर अरब मुसलमानों के द्वारा वह मन्दिर पूरी तरह से नष्ट कर उसका मल्वा सागर में बिखेर दिया गया हो या आसपास के निधन हब्शी लोग एक - एक करके उस ध्वस्त मन्दिर के पत्थर , ईंटें आदि उठा ले गए हों ।

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✍️जय मां भारती 🚩 🚩 🚩 🚩 🚩 🚩 🚩 🚩

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