पोवारी पर मेरी द्वितीय हिन्दी कविता

क्षत्र ब्रह्म ज्ञान में साम दाम दण्ड में शक्ति भक्ति साहस्य में, 
उज्जयिनी धार पर अखण्ड काल पृथ्वी पर पँवारी राज है !

सहस्त्र रिपू भेद में किर्तिरथी ज्ञान में मलेच्छ संहार में, 
बल सशक्त बाह पर, मालव साम्राज्य पर, चंपुरती काव्य पर भोज कविराज है !   

सिंहासन बत्तीसी में , बेताल पच्चीसी में ,  स्वर्णराष्ट्रकाल  में, 
आदित्यप्रतापपर,  राजमार्तण्ड पर, अजेय भूपाल पर भोज - साहसाङक है  !  

ले. अनिकेत महेंद्र गौतम (जि. गोंदिया, वैनगंगा पँवार) 







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