अंग्रेजी संस्कृत की एक प्राकृत बोली है (भाग द्वितीय)

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(भाग - 2)

(१) " Suicide , patricide , matricide" अंग्रेजी शब्द संस्कृत के ' स्वछिद , पितृछिद , मातृछिद ' शब्द हैं । इसी बात से अंग्रेजी के Germicide , Insec ticide , pesticide जैसे शब्दों का स्पष्टीकरण हो जाता है क्योंकि संस्कृत में ' छिद - छिन्न ' का अंग्रेजी अर्थ ' Cutting , killing , Ending , Exterminating ' होता है । इससे यह भी स्पष्ट हो जाता है कि पश्चिमी भाषाएँ अभी भी संस्कृत की धातुओं से किस प्रकार अपने शब्द - निर्माण करती रहती हैं ।

(२) ' Quo vadis . . . quo warranto ' जैसे शब्द - समूह में प्रयुक्त ' quo ' लैटिन शब्द ' क्व गच्छसि ' ( तुम कहाँ जाते हो ? ) जैसे संस्कृत वाक्य में प्रयुक्त ' क्व ' शब्द से उत्पन्न है ।

(३) अंग्रेजी भाषा का ' Myth ' संस्कृत का ' मिथ्या ' ( अर्थात् झुठा ) है ।

(४) अंग्रेजी ' Peter ' संस्कृत में ' पितर ' शब्द से व्युत्पन्न है ।

(५) इसी प्रकार ' David ' संस्कृत ' देवि + द ' शब्द से है , और संस्कृत के ' ब्रह्म ' शब्द का सदोषोच्चारण ही अग्रहम ( Abraham ) है ।

(६) अंग्रेजी कुलनाम ' Brahms ' भारत में ' ब्रह्म ' कुल शब्द के समान ही परिवार को एक शृंखला में सूबद्ध रखने की प्राचीन संस्कृत परम्परा की ओर इंगित करता है । संस्कृत में "मनोरम" के समान ही अंग्रेजी Panorama , cinerama हैं ।

(७) संस्कृत का अन्त्य ' रम ' उसका द्योतक है जो मन को सुखद अथवा आकर्षक लगता है , उसमें प्रविष्ट हो जाता है ।

(८)  ' Mar somebody ' s Chances ' जैसे शब्दों में ' मार ' शब्द संस्कृत का है जो ' मारने , चोट पहुँचाने अथवा हानि पहुँचाने ' का अर्थद्योतक है ।

(९) Band , Bondage , Bandage आदि संस्कृत के ' बंध , बन्धन ' शब्दों से हैं ।

(१०) Accept संस्कृत का अक्षिप्त ( नहीं फेंका गया ) है । Succinct संक्षिप्त है ।

(११) अंग्रेजी Cough ' संस्कृत का ' कफ ' है । यद्यपि संस्कृत का ' कफ ' बलगम का द्योतक है और अंग्रेजी ' Cough ' इससे तनिक भिन्न है , तथापि यह देख सकना कठिन नहीं है कि ' Cough ' बलगम ( कफ ) से ही उत्पन्न होता है ।

(१२) एक ही शब्द के अंग्रेजी और संस्कृत स्वर - समरूप में थोड़ा - सा अन्तर इस कारण है कि अंग्रेजी को अपने मूल संस्कृत स्रोत से पृथक हुए कई शताब्दियाँ व्यतीत हो चुकी हैं ।

(१३) संस्कृत का ' अन्तर ' शब्द अंग्रेजी में ' इंटर ' के रूप में उच्चारण किया जाता है ; यथा ' International , inter - versity , interpret , inter polate , intermediate , intermittant , inter - dependent ' आदि में ।

(१४) पथ ( Path ) का अंग्रेजी और संस्कृत , दोनों में ही , समान अर्थ है , यद्यपि उच्चारण में अति - सूक्ष्म अन्तर हो गया है । तुलनात्मक और उत्तम श्रेणी के लिए अंग्रेजी भाषा में भी संस्कृत के अन्त्य शब्द ज्यों - के - त्यों प्रयुक्त होते हैं ।

(१५) संस्कृत में इसे ' तर - तम भाव ' कहते हैं । अंग्रेजी ' Greater , Bigger और Lesser ' के लिए संस्कृत में क्रमश : ' अधिकतर , महत्तर , लघुतर ' का प्रयोग होता है ।

(१६) अंग्रेजी की उत्तम श्रेणी अर्थात् Superlative के ' optimum , Maximum ' जैसे शब्दों के लिए संस्कृत में अधिकतम , महत्तम , लघुत्तम ' शब्द - रूप हैं ।

(१७) अंग्रेजी शब्द ' Fraternity ' संस्कृत का ' भ्रातृ नीति ' शब्द है । ' रात ' के लिए संस्कृत ' नक्तम ' और ' दिन ' के लिए संस्कृत ' दिवस ' से अंग्रेजी ( Nocturnal ' and ' Diurnal ' शब्द बने हैं ।

(१८) अंग्रेजी शब्द Regime , Reign , Sovereign , suzerein आदि संस्कृत के राज्यम् , राजन् , स्वराजन् हैं ।

(१९) अंग्रेजी का ' Go ' शब्द संस्कृत के ' गम - गच्छ ' से निकला है ।

(२०) अंग्रेजी का ' Cow ' शब्द संस्कृत के ' गौ ' का ही उच्चारण है ।

(२१) गिरजाघरों में ' Vestry ' वह कमरा होता है जहाँ वस्त्र रखे जाते हैं ।

(२२) संस्कृत  में भी इस प्रकार का कक्ष ' वस्त्रि ' ही कहलाता है । इसी प्रकार ' Vesture ' शब्द ' वस्त्र ' है ।

(२३)  इसी प्रकार ' Saint ' ( संस्कृत - ' संत ' ) , Preacher ( संस्कृत का ' प्रचारक ' ) और ' Adore ' ( संस्कृत - ' आदर ' ) , ' Door ' - ( संस्कृत का ' द्वार ' ) , " Man ' ( ' मानव ' के लिए ) , Pater , mater , daughter ( पिता , माता , दुहिता ) , Son - Sonny ( संस्कृत ' सुनुः ' से ) , Deity ( ' देवता ' से ) , ' Theos ' ( संस्कृत ' देवस् ' से ) सभी संस्कृत शब्द हैं ।

(२४) ' Pro - offer ' , ' Pro - create ' जैसे शब्दों में प्रयुक्त ' Pro ' उपसर्ग ' प्रवक्ता , प्रभात , प्रभाकर ' संस्कृत शब्दों में प्रयुक्त ' प्र ' संस्कृत का वही उपसर्ग है ।

(२५)  _ _ _' Proto - type ' जैसे अंग्रेजी शब्द में ' Proto ' जैसा उपसर्ग संस्कृत का ' प्रति ' उपसर्ग है ; जैसे ' प्रति - शिवाजी ' में... ।

(२६) अंग्रेजी का सम्मान - सूचक सम्बोधन ' Sir ' संस्कृत के ' श्री ' का अपभ्रंश उच्चारण है।

▪️चूंकि अंग्रेजी शब्दकोशों में इस प्रकार के सभी स्पष्टीकरणों का नितान्त अभाव है , इसलिए प्रत्यक्ष है कि अंग्रेजी भाषा - विज्ञानी और शब्दव्यूत्पत्ति शास्त्री लोग इस तथ्य से अधिकांशतः अनभिज्ञ हैं कि संस्कृत ही अंग्रेजी की आकर - भाषा है चाहे प्रत्यक्ष रूप में हो अथवा लैटिन और ग्रीक भाषा के माध्यम से अपत्यक्ष रूप में हो । यह तथ्य ऊपर दिए गए दृष्टान्तों से चरितार्थ हो ही चुका है ।

▪️इस अनभिज्ञता , अज्ञान के फलस्वरूप ही अंग्रेजी शब्दों के संकलनकर्ता — कोशकार अपने शब्दों के मूल - स्पष्ट करते समय भयंकर गल्तियाँ कर गए हैं ।

▪️इस तथ्य के दृष्टान्त - स्वरूप हम सामान्य अंग्रेजी शब्द कोश के साथ दिए गए ' Widow ' और ' Widower ' शब्दों की व्याख्या लें ।

▪️' Widow ' शब्द का स्पष्टीकरण करते हुए ठीक ही लिखा गया है कि ' Widow is a woman who has lost her husband ' अर्थात् विधवा वह महिला है जो अपना पति गंवा चुकी है । जिसके पति की मृत्यु हो चुकी है । अगले ' Widower ' शब्द की व्याख्या करते हुए लिखा गया है कि यह ' Widow ' शब्द से व्युत्पन्न है , और इसमें ' Er ' प्रत्यय जुड़ा हुआ है । यह कहना शब्द - व्युत्पत्तिशास्त्र की दृष्टि से घोर गलती है ।

▪️अंग्रेजी में Er ' प्रत्यय का अर्थ ' करने वाला ' होता है ; यथा Labourter , Sort - Fer , ' Lectur - fer का अर्थ labour sort अथवा Lecture करने वाला है । अतः ' Er ' यदि ' Widow ' शब्द का प्रत्यय रहा होता , तो ' Widower ' शब्द का अर्थ ' One who makes a woman widow ' अर्थात् किसी महिला को विधवा बनाने वाला व्यक्ति अर्थात किसी विवाहित महिला के पति का हत्यारा , प्राणघाती होता जबकि ' Widower ' शब्द का अर्थ वास्तव में वह व्यक्ति है जिसकी पत्नी मर चुकी है ।

▪️अंग्रेजी कोशकारों ने यह भयंकर भूल मात्र इस कारण की है कि उनको यह ज्ञान नहीं था कि अंग्रेजी 'Widow ' और ' Widower ' शब्द संस्कृत के ' विधवा ' और ' विधुर ' शब्दों के अपभ्रंश अंग्रेजी भाषा के व्युत्पन्न शब्दों की सूक्ष्म जाँच - पड़ताल से कुछ अन्य गल्तियाँ भी सम्मुख प्रस्तुत हो जाएंगी ।

▪️ इस तथ्य से अंग्रेजी कोशकारों की समझ में यह बात आ जानी चाहिये कि वे ' Truth ' और ' Untruth ' जैसे शब्दों को ' ऋत ' और ' अनत ' से व्युत्पन्न बताते हुए बहुत बड़ी संख्या में अध्याय अंग्रेजी शब्दों का संस्कृत - मूल बस्तुत करने लगें ।

▪️हम एक पग और आगे जा सकते हैं तथा कह सकते हैं कि न केवल अंग्रेजी , अपितु सभी यूरोपीय ' भाषाओं के कोशकारों' के लिए यह शोभनीय कार्य होगा कि वे अपने शब्द कोशों को संस्कृत विद्वानों द्वारा पुनरीक्षित करा लें ।

▪️ कहने का अर्थ यह है कि यूरोपीय शब्दकोशों को संस्कृत की सहायता से पुनः लिखना श्रेयस्कर होगा । यदि उनको उग्रवाद और राजनीतिक कारणों से यह कार्य करने में कुछ संकोच अनुभव होता है , तो भारतीय लोगों को अपने अपंग और विकृत इतिहास के पुनर्लेखन - कार्य के अंश के रूप में यह कार्य अवश्य ही करना होगा ।

इस लेख का प्रथम भाग 🔗

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