ओ३म ध्वनि एक टोनोस्कोप पर श्रीयंत्र को बनाती है... जानिए कैसे?

जानिए हमारे ऋषि कितने  सही और सटीक हैं। 

श्री यंत्र (ओएम) मंडल तथा ओ३म ध्वनि की तरंगकृती
एक टोनोस्कोप पर समान परिकृति से परिणत होती है। यह यंत्र और ध्वनि  विज्ञान ऋषियों के इसपर अधिकार को साबित करता है। यह चित्र श्री यंत्र मंडल और ध्वनि ओम की एक टनक चित्र के बीच समानता की तुलना दिखा रहा है । अतः  श्री यंत्र मंडल हजारों साल पुराना है लेकिन टोनोस्कोप तो वर्तमान की खोज है। देखिए कितना अद्भुत है सनातन धर्म 🙏🚩


जानिए पूर्ण सत्य...


मशीन के सामने ॐ का उच्चारण किया तो श्री यंत्र की तस्वीर या रूपरेखा बन गई।
ध्वनि तरंगों का चित्र बनाने वाली मशीन ने सनातन को सच साबित किया।
ध्वनि तरंगों का चित्र बनाने वाली मशीन ने सनातन को सच साबित किया।

📚टोनोस्कोप का आविष्कार करने वाले....

(१) #डाॅ०हैंस_जेनी ने 1967 मे जब टोनोस्कोप नामक
यंत्र पर ॐ का उच्चारण
किया तो श्रीयंत्र की आकृति उभरकर सामने
आने लगी।

(२) इस यंत्र
का उपयोग ध्वनि तरंगों की तस्वीर देखने
के लिए किया जाता है।

(३) यह एक रहस्य
का विषय है कि प्राचीन काल में जब
टोनोस्कोप जैसा कोई उपकरण नहीं था,
लोग ॐ की ध्वनि तरंगों की तस्वीर (श्रीयंत्र)
को अच्छी तरह से प्रस्तुत करने
की क्षमता से युक्त थे।

(४) इस बात पर Hans Jenny आश्चर्य व्यक्त करते
हुए कहते हैं।
कि पूर्वार्त्त देशों के मनीषी ऋषियों ने यह खोजे की थीं आज से हजारों वर्षों पूर्व... ।

(५) जैनी का उक्त प्रयोग मंत्र विज्ञान के
उस रहस्य को उद्घाटित करता है जिसमें
कहा गया है कि प्रत्येक मंत्र में अदृश्य
शक्तियाँ एवं इच्छाशक्ति की प्रखरता के
साथ जप करने पर प्रकट होती है

(६)विख्यात थियोसोफिस्ट "लेटवीटर,
एनी वेसेन्ट", मैडम ब्लैक्टस्
की आदि मनीषियों ने भी अपनी-
अपनी रचनाओं में स्पष्ट रूप से उल्लेख
किया है कि ‘मंत्र’ वर्णों के साधारण
संग्रह से पूर्णतः भिन्न एवं
शक्ति जागरण के स्त्रोत हैं।

(७) इस
सम्बन्ध में सर जॉन वुडरफ ने अपने
प्रसिद्ध ग्रंथ “गारलैण्ड आफ लेटर्स” में
लिखा है कि मंत्रों की विशिष्ट संरचना के
मूल में गुह्य अर्थ एवं शक्ति होती है
जो अभ्यास
कर्ता को दिव्यशक्तियों का पुँज
बना देती है।

इस प्रकार जो भारतीय युरोपीयों के मानसिक गुलाम थे वे भी अब सनातन के सत्य को अवश्य मान सकते हैं क्योंकि उनके युरोपीय आकाओं ने भी यह मान लिया है जान लिया है लेकिन क्या करें ईसाईयत की लाज रखनी है तो जी खोलकर तो हर कोई यह नहीं कर सकता इसलिए तुम तो सनातनी हो कृपया न स्वयं को मनोदुर्बल बनाओ न किसी को बनने दों क्योंकि मैकाले ने यही साजिश लिखी है अपने पत्रों में..... शेअर करो सबको बताओ चरैवेति चरैवेति के मंत्र को अपनाओं🙏🙏🙏

जिसे यकिन ना हो वो खुद
Google मे tonoscope sri yantra om
लिखकर search कर सकता है.


गर्व से कहो हम वैदिक धर्मी है

गर्व करो हम हिंदू है❗ 

गर्व से कहो हम आर्य है 🙏जय आर्यावर्त 🚩 

✍️ जय मां भारती 🚩 🚩 🚩 🚩 🚩 🚩  

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