गति का सिद्धांत.. (law of motion..)
गति का सिद्धान्त
व्यतिरेकानवस्थितेश्वानपेक्षत्वात् ॥ ( ब्र०सू० २-२-४ )
अर्थात् — प्रकृति में गति नहीं आती जब तक कोई बाहरी शक्ति उसमें आकर उसे हिलाए नहीं । (~ ब्रह्मसुत्र २/२/४)
यही बात न्यूटन की गति के सिद्धान्त में भी कही है । वहाँ कहा है :-
Every particle of matter continues in a state of rest or motion with constant speed in a straight line unless compelled by outside force to change that state .
( Ist Law of Motion - Neuton )
इसका अर्थ है- प्रकृति का प्रत्येक कण जहाँ है वहीं ठहरा रहता है , अथवा चलता है तो सीधी रेखा में एक निश्चित गति से चलता रहता है जब तक कि कोई बाहरी शक्ति उस पर बल का प्रयोग न करे ।
इसे व अन्य सभी ज्यो का त्यो न्युटन ने कॉपी किया है । इस तरह गति के व गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत वैदिक दर्शन मे उपस्थित है ।

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