गरबा नवरात्र नही है व बनने भी न दें...

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💥 गरबा नृत्य का उत्सव से कोई संबंध नहीं है।

💥 गरबा गुजरात से पुरातन संगीत एक लोकनृत्य है जो

      नवरात्रि के अतिरिक्त अन्य उत्सव भी मनाए जाते हैं।

💥 गरबा अधिक पुराना नहीं है, अर्वाचीन है।

💥नवरात्र का कोई भी प्राचीन धर्मशास्त्र में, नमूना

       देवीभागवत या दुर्गा सप्तशती आदि कथा पर कोई

       निर्णय नहीं है. 

💥नृत्य न भक्ति है, न कर्म है न ज्ञान। न कोई योग

       क्रिया है. वह मास्टर कला है।

💥 नृत्य मनोरंजन का उत्तम साधन है

       अधर्म भद्रा हो तो अनुचित नहीं।

💥 अभद्र गरबा नृत्य महोत्सव का विकृतिकरण भर है।

       राष्ट्र का मूल भाग ब्रह्मचर्य है। टैप करें।

       पूजा यज्ञ, कन्या पूजन भोज आदि है।

       मूलतः गरबा अनिवार्य नहीं।

💥 गरबा नृत्य में अर्धज्ञाना अब्रह्मचर्य युक्त कविता

      ब्रह्मचर्य तप का नाषक, गणिका वृत्ति पोषक

      निर्लज्जता व राष्ट्र का सारा तप साधना भंग

       करने वाला अपवित्र चॉकलेट कर्म है।

💥लोलकी गरबा में आरती से अधिक भीड़ होती है।

       जो एक विशेष आसुरी संकेत है। 

💥गरबा डांस में फिल्मी अनुचित शब्दो लोग

       गीतो द्वारा वोग विकृतिकरण ही है। 

💥मंदिर जैसा पवित्र मनोभाव वाले पवित्र पर फ़ुहदता

      निर्लज्जता अर्धनग्नता अभद्रता आख्यायिशास्त्र

      मे अलंकृत साक्षात् मुनियों के ताप को भंग करना

      मानो कोई नग्न गणिकाओ की व्यवस्था के समान है

      न कि पूजा की व्यवस्था है।

💥 शक्तिधारा मां ब्रह्मचारिणी ऐसे फुहदता मे आकर्षक

       क्या होगा? पीछे पीछे कोई प्रतिमा व जय माता

       आदि लिखा हो...नृत्य गान अभद्र हो... 

💥 नाचने कूदने से देवी कभी भी प्रसन्न नहीं होती न देव।

      इसलिए गरबा नृत्य से राष्ट्र का कोई परिचय नहीं।

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