ओ३म् 🕉️
भारतीय तत्व - दर्शन की पुष्टि में साइन्स का सिद्धांत तब बड़ा सहायक सिद्ध हुआ कि आपः में शब्द को आच्छादित किया । अन्तरिक्षे दुन्दुभयो वितना बदन्ति - अधिकुम्भाः पर्यायन्ति । ( जैमिनि 2/404 ) । अर्थात् अन्तरिक्ष में दुन्दुभि के समान विस्तृत और सर्वव्यापी परम वाक् - ध्वनि होती रहती है । अब तक यह बात समझ में आने न वाली थी पर जब सूर्य की खोज करते - करते सन 1942 में मक्क्रिय ने इस तरह की ध्वनि सचमुच सुनी तो वह आश्चर्यचकित रह गया । उसने अपनी ' फिजिक्स आफ दि सन एण्ड स्टार्स ' पुस्तक के 83 पेज पर लिखा है कि- ' श्री जे.एस. दे द्वारा वर्णित सूर्य से आने वाली ध्वनि ( सोलर न्वाइज ) गलत नहीं है वरन् सूर्य की ध्वनि की तरह ही और भी तारा - मण्डलों ( ग्लैक्सीज ) से ध्वनि तरंगें आ रही हैं । वह सौर - घोष सोलर न्वाइज के समान ही हैं । उनका अनुसंधान किया जाना बहुत आवश्यक है । ' इस शताब्दी में सुर्य से ओ३म् की ध्वनि की पुष्टि भी नासा के एक वैज्ञानिक पाडेय ने की है। अमेरिका संस्था NASA ने सूर्य की आवाज रिकॉर्ड की है , किंतु अपने कानों की क्षमता 20 Hz से लेकर 20,000 Hz तक ही होती है , किंतु सूर्...


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